शंख बाजे सतनाम के लिरिक्स | Shankh Baje Satnam Ke Panthi Geet Lyrics 

Shankh Baje Satnam Ke Panthi Geet Lyrics 

  • गीत – शंख बाजे सतनाम के
  • स्वर – गोरेलाल बर्मन, रतन सबिहा
  • गीत – गोरेलाल बर्मन
  • संगीत – गोरेलाल बर्मन
  • एल्बम – शंख बाजे सतनाम के
Shankh Baje Satnam Ke Panthi Geet Lyrics

शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म हो
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म हो
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म

सुमिरन कर ले मन हिरदय ले
सुमिरन कर ले मन हिरदय ले
पार होही भवतरनी ला हो
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म हो
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म हो
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म

Shankh Baje Satnam Ke Panthi Geet Lyrics Gorelal Barman

अंतरा 1
सतयुग त्रेता द्वापर कलयुग
चारो जुग म हे सतनाम
सृष्टि के रचना ओमकार अउ
सगरो चराचर हे परनाम
एक हे ईश्वर सब श्रद्धा के
एक हे ईश्वर सब श्रद्धा के
रूप अनेक अवतरनी ना हो
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म हो
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म हो
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म

Panthi Geet Likha Hua

Gore Lal Barman Panthi Geet Lyrics

अंतरा 2
सत के प्रतिक हे सादा झंडा
गड़े हावै जोड़ा जैतखाम
निराकार हे जेखर पूजा
सत्य कर्म हे जेखर काम
तन कर दीयना मन कर बाती
तन कर दीयना मन कर बाती
दीप जले अनुकरणी ना हो
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म हो
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म हो
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म

सुमिरन कर ले मन हिरदय ले
सुमिरन कर ले मन हिरदय ले
पार होही भवतरणी ला हो
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म हो
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म हो
शंख बाजे सतनाम के सुमरनी म

Superhit Panthi Geet

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