(मुखड़ा)
मीठ मीठ लागे मया के बानी वो
मया के बानी
तोरो अंतस म पीरा
होथे का रानी धीरे धीरे
दुरिहा रईथस तीरे म आजा रे
तीरे म आजा
मोरो अंतस म पीरा
हाथे गा राजा धीरे धीरे
मीठ मीठ लागे मया के बानी वो
मया के बानी
तोरो अंतस म पीरा
होथे का रानी धीरे धीरे
दुरिहा रईथस तीरे म आजा रे
तीरे म आजा
मोरो अंतस म पीरा
हाथे गा राजा धीरे धीरे
(अंतरा 1)
जब ले तैं आये मोर जिनगी हरियागे
पियर पियर हरदी कस सपना पिउरागे
जुड़ गे मया के डोरी तोर संग बंधागे
तोरे मया म जोड़ी हिरदय मोर छंदागे
दुल्हीन बनहूं तोरे मैं राजा जी
तोरे मैं राजा
मोरो अंतस म पीरा
हाथे गा राजा धीरे धीरे
मीठ मीठ लागे मया के बानी वो
मया के बानी
तोरो अंतस म पीरा
होथे का रानी धीरे धीरे

(अंतरा 2)
दिन रात सुरता तोरे आथे मोरे रानी
तोर बिना कईसे बनही मया के कहानी
तोरे बिन अधुरा लागे मोर जिनगानी
सब ला भूलाके बने हौं मैं तोर दीवानी
तही मोर बनबे करेजा चानी वो
करेजा चानी
तोरो अंतस म पीरा
होथे का रानी धीरे धीरे
दुरिहा रईथस तीरे म आजा रे
तीरे म आजा
मोरो अंतस म पीरा
हाथे गा राजा धीरे धीरे
मीठ मीठ लागे मया के बानी वो
मया के बानी
तोरो अंतस म पीरा
होथे का रानी धीरे धीरे
मोरो अंतस म पीरा
होथे गा राजा धीरे धीरे
मोरो अंतस म पीरा
होथे गा राजा धीरे धीरे

