Guru Ke Bani Panthi Geet Lyrics
पंथी गीत और इस गीत के साथ किया जाने वाला पंथी नृत्य छत्तीसगढ़ के सतनाम धर्म के लोगो के द्वारा ईश्वर (सतनाम पिता) की स्तुति में और संत गुरूघासीदास बाबा के जीवन चरित्र एवं उनके उपदेशों का वर्णन करने हेतु किया जाता है।पंजाब में जो स्थान गुरु नानक देव जी का है छत्तीसगढ़ में वही स्थान गुरु घासीदास जी का है इन्होंने महान तप करके सत्य को पाया और उसे ही मनुष्य एवं जीवन का आधार माना जीवन की मूल भूत इकाइयों को जाना और इसे जन मानस तक पहुचाया। सत्य की खोज करने के कारण ही धर्म का नाम सतनाम अर्थात सत्यनाम पड़ा । पंथी नृत्य सतनाम के अनुनायियों अर्थात सतनामियों के द्वारा किया जाने वाला नृत्य है जिसमे नृत्य करते हुए गुरु की महिमा गुरु के उपदेशों का बखान गाकर किया जाता है गुरु घासीदास दास द्वारा दिये उपदेश इस नृत्य के माध्यम से लोगो तक पहुचाये जाते है।
- गीत – गुरू के बानी
- स्वर – स्वर्णा दिवाकर
- गीतकार – दास मनोहर
- संगीतकार – सूरज महानंद
- रिकार्डिंग – स्वप्निल स्टूडियो
- लेबल – अंजोर

मनखे मनखे हे एके बरोबर
गुरू के बानी हे कतका सुग्घर
मनखे मनखे हे एके बरोबर
गुरू के बानी हे कतका सुग्घर
मनखे मनखे हे एके बरोबर
गुरू के बानी हे कतका सुग्घर
मनखे मनखे हे एके बरोबर
गुरू के बानी हे कतका सुग्घर
ये गुरू के बानी हे कतका सुग्घर
बाबा के बानी हे कतका सुग्घर
गुरू के बानी हे कतका सुग्घर
बाबा के बानी हे कतका सुग्घर
गुरू के बानी हे कतका सुग्घर
साहेब के बानी हे कतका सुग्घर
मनखे मनखे हे एके बरोबर
गुरू के बानी हे कतका सुग्घर
सन्नाना नान्ना मोर नन्ना हो ललना
सन्नाना नान्ना ना नन्ना हो ललना
सन्नाना नान्ना मोर नन्ना हो ललना
सन्नाना नान्ना मोर नन्ना हो ललना
अंतरा 1
ऐ लहू रकत अउ हाड़ मांस के
बने हे सबो के तन हा गा
ऐ नई खावै कोनो हीरा मोती ला
खाथे सबो ऐके अन ला गा
ये खाथे सबो ऐके अन ला गा
खाथे सबो ऐके अन ला गा
चंदा सुरूज हा उथे सबो बर
गुरू के बानी हे कतका सुग्घर
मनखे मनखे हे एके बरोबर
गुरू के बानी हे कतका सुग्घर
Panthi Geet Lyrics
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अंतरा 2
ये कोनो छोटे अउ कोनो बड़े
कईसे होही जात पात ले गा
कईसे होही जात पात ले गा
हां ये दुनिया म आये हावन सब्बो
ऐके रद्दा एके घाट ले गा
ऐके रद्दा एके घाट ले गा
साहेब ऐके रद्दा एके घाट ले गा
ऐके रद्दा एके घाट ले गा
ऐके रद्दा एके घाट ले गा
का अतको नई हे गा खबर
गुरू के बानी हे कतका सुग्घर
मनखे मनखे हे एके बरोबर
गुरू के बानी हे कतका सुग्घर
ये गुरू के बानी हे कतका सुग्घर
बाबा के बानी हे कतका सुग्घर
ये गुरू के बानी हे कतका सुग्घर
साहेब के बानी हे कतका सुग्घर
साहेब
मनखे मनखे हे ऐके बरोबर
गुरू के बानी हे कतका सुग्घर
सन्नाना नान्ना मोर नन्ना हो ललना
सन्नाना नान्ना ना नन्ना हो ललना
सन्नाना नान्ना ना नन्ना हो ललना
साहेब
सन्नाना नान्ना मोर नन्ना हो ललना
सन्नाना नान्ना ना नन्ना हो ललना
