Mati Ke Kaya Mati Ma Jahi Panthi Geet Lyrics 2026
Superhit Panthi Geet Lyrics

माटी के काया माटी मा जाही 🏳️पंथी गीत
ये ग संतो भाई मोर,ये ज्ञानी भाई मोर
माटी के काया,माटी म जाही तोर
माटी के काया माटी म जाही तोर
ये ग संतो…….
गरब गुमाने तोर,छिन म सिराही
कंचन काया तोर,देही कोचराही
ये संतो भाई मोर,ये ग ज्ञानी भाई मोर
यमराजा बांधे ले जाही तोला डोर
ये ग संतो……..
संग नई जाही तोर कोनो घर वाला ग
माया भरम के बगरे हे जाला ग
ये ग संतो भाई मोर ये ग ज्ञानी मोर
संगी जहुरिया देही तोला छोड
ये ग संतो…….
बिरथा हे तोर सबो धन अऊ दोगानी ग
पइसा म रुके नही तोर जिनगानी
ये ग संतो भाई मोर,ये ग ज्ञानी भाई मोर
मरघट होही घर कुरिया घोर
ये ग संतो……..
✍️गीतकार
नंद कुमार वर्मा (नंदगइहा) 9174497400
