किरपा अतके करबे दाई जस गीत लिरिक्स | Kirpa Atake Karbe Dai Dukalu Yadav Jas Geet Lyrics

किरपा अतके करबे दाई,
तोर चरण मा जिनगी पहाए,
नित नित तोरे सेवा कर के,
नित नित तोरे पैरी पर के,
आशीष चोला हा पाए…

मैं हर आवंव फुलवा मईया, तै हर मोर फुलवारी वो,
खिलथंव खेलथंव तोर अचरा मा, तै मोरे महतारी वो…
तोर खुशबू भरे तन मन मा मोर, लागे मन मनोहारी वो,
तोर ममता बिना जग बिरथा हे, जिनगी हे अंधियारी वो…

नाना रूप हे तोर महतारी,
बेटी रूप हे , सब ले नियारी,
कुल कुलवंतीन कहाए,

अगियानी मैं लईका दाई, हावे निष्छमल मोर मन वो,
तन मन धन दाई तोर सेवा मा, सरबस तोला अरपन वो…
गागर मा सागर के भरईया, तै हा देवईया अनधन वो,
अनमन जनमन तोर हाथ मा, तै हा बसे दाई कन कन वो…

जिनगानी के फूल बगियन मा,
तीन लोक मा, तीन भुवन मा,
महिमा हा बरनी ना जाए,

तोर अचरा के छईहां मा दाई, हांवव तोरे पईया मा,
तार दे मोला, उबार दे मोला, दुलार दे तोरे बईहां मा…
डोंगा फंसे मजधार मा मोरे, हावस तिहीं खेवईया मां,
जगत पोसईया तैं महतारी, जिनगानी के देवईया मां…

कोसरिया तोर चरन मा,
लाला धनेन्द्र तोर शरन मा,
निस दिन माथ नवाए,

किरपा अतके करबे दाई,
तोर चरण मा जिनगी पहाए,
नित नित तोरे सेवा कर के,
नित नित तोरे पैरी पर के,
आशीष चोला हा पाए…

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