बोए हँव जँवारा तोर नाँव के | Boye Hanv Janwara Tor Nav Ke Jas Geet Lyrics Toman Verma

मोर दरबार मा दाई वो बोये हँव जँवारा तोर नाँव के
वंदना करत हँव तोर पाँव के ,डिही डेहवारिन मोर गाँव के 2
मोर घर मा दाई वो बोये हँव जँवारा तोर नाँव के 2

तोर डेहरी ले माटी लानेंव
सिरि फल मैंहा चढा़के
नवा बाँस के चरिहा लानेंव
कँड़रा घर ले बिसाके -कँड़रा
सात जात के बिरही फिजोएँव
सेऊक मन ला बलाके
जलदेवती के सुमिरन करके
डारेंव पानी लाके -डारेंव
हे शितला दाई मोर गाँव के ,हे ठकुराईन मोर गाँव के 2
मोर दरबार मा दाई वो बोये हँव जँवारा तोर नाँव के 2
तोर दया ले लहर लहर माँ
जोत जँवारा लहराए
भगत मंडली झूम झूम के
जस पचरा ला गाए -जस
सात बहिनिया नेवता पा के
झूपत झूपत आए
मन भर माता खेल खेल के
भगत के मान बढा़ए -भगत
चहके चिरइया लीम छाँव के , दाई पुरखौतिन मोर गाँव के 2
मोर दरबार मा दाई वो बोये हँव जँवारा तोर नाँव के 2

पंचमी साते सिंगार चढा़के
नवमी हवन कराएँव
नव दुर्गा ला भोग लगाके
मैं परसादी पाएँव -मै
लक्ष्मण बाबा करे बिदाई
आँखी ले बरसे पानी
दास मनसुखा पाँव पुट मा
काटे लिम्बू चानी -काटे
परमानंदभोलू धुर्रा पागे पाँव के ,अलख जगावै तोर नाँव के 2
मोर दरबार मा दाई वो बोये हँव जँवारा तोर नाँव के 2

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आशीर्वाद – श्री लक्ष्मण बाबा जी
स्वर- टोमन वर्मा
गीतकार- बृजलाल दावना
संगीत- राजेश साहु
रिकॉर्डिंग- स्वर पाटन स्टूडियो खर्रा, दुर्ग


Toman Verma Jas Geet

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