राम ददरिया – दिनेश वर्मा एवं खिलेश यादव | Ram Dadariya CG Song Lyrics

“ददरिया” छत्तीसगढ़ का एक पारंपरिक लोकगीत रूप है जो प्रेम, विरह और गांव-जीवन के भावों पर आधारित होता है।  “राम ददरिया” नाम के गानों में राम-सीता के प्रसंग, भक्ति भाव, या नायक-नायिका के बीच ददरिया शैली का संवाद होता है। राम ददरिया छत्तीसगढ़ी लोकगीतों की शैली का एक लोकप्रिय CG Song है।

ram dadariya lyrics dinesh verma

रामे हे बन में

सीता ला लेगे चोर हे

आयोध्या ला खोजे

ये मोर भैया

लंका म मचे शोर हे

आयोध्या ला खोजे

गांव गौटिया गजब

गजब हुडियाए

सीता माई ला वो लेगे

ये मोर भैया

गजब दुरिहाए

सीता माई ला वो लेगे

ram dadariya full lyrics khilesh yadav dinesh verma

पानी रे पी ले पियत भर ले

दोस दारी नई छुटै जियत भर ले

का हाथी ना घोड़ा पैदल रेंगे

रूख राई परानी सबो हा देखे

गाहूं गदेली उहित कबरी

बीच रद्दा म मिल गे दाई सबरी

अउ जूठा बोईर ला खवाए रे दोस्त

राम धरे परछी

लखन धरे बान

सीता माई के खोजन बर

ये मोर भैया

निकलगे हनुमान

सीता माई के खोजन बर

फागुन महिना डोमर फुलगे

राम नामा ला लेके हनुमान उड़गे

ये लंका म जा के सिया ला भेंटे

सोने सोन के लंका आगी म लेसे

नवा हे गाड़ी गजब दउड़े

ये दे पखरा के पुलिया पानी म तउरे

उही किसम ले लंका पहुंचगे रे दोस्त

आए ला पानी

पवन संग में

माते हावै गा लड़ाई

ये मोर भैया

रावण संग में

माते हावै गा लड़ाई

खेते रे नींदे बदौरी छांटे

दस मुड़ी रावन के राम हा कांटे

अरे नंदिया रे नरवा उलट धारे

जाने राम हा भेदे नाभी ला मारे

चारो मुड़ा म आनंद छा गे

राम लखन सिया संग आयोध्या आ गे

उही दिन ले देवारी मनाथे रे दोस्त

Dukalu Yadav & Dilip Shadangi Basdeva Geet

error: Content is protected !!